एक छोटी सी बस्ती में कुछ छोटे छोटे बच्चे रहते थे, जो हमेशा कुछ न कुछ शरारत करते रहते थे। उनमें से कुछ के नाम थे: गोलू, तानु, और रिंकू। हर दिन नई शरारत करते हुए, उन्होंने अपनी दुनिया बसाई थी।
गोलू (दिमाग में कुछ चल रहा है, मुस्कुराते हुए):
सुनना है, तानु, आज हमनें एक नई शरारत करनी है! क्या तुम मेरे साथ चलोगी?
तानु (हमेशा उत्सुक, थोड़ी सी शर्माई):
अरे, गोलू! तुम हमेशा कुछ न कुछ सोचते रहते हो। तुम्हारी हर शरारत मुझसे नहीं हो पाती, लेकिन चलो, आज देखते हैं!
रिंकू (छुप कर बात सुनते हुए, आँखों में शैतानी चमक):
मैं तो कहता हूँ, सबसे बड़ी शरारत करनी चाहिए। क्या तुम दोनों तैयार हो?
तीनों मिलकर एक दिन नई शरारत ढूंढने निकल पड़ते हैं। आज उन्होंने सोचा था कि उनके स्कूल के सभी टीचर्स के पेन और चॉक के सारे स्टॉक कहीं छुपा दिए जाएं, ताकि पूरी स्कूल में कन्फ्यूजन हो जाए।
गोलू (छुपकर पेन और चॉक निकालते हुए):
यह काम तो बिल्कुल आसान है! अगर सभी टीचर्स के पास चॉक नहीं होगा, तो कैसे पढ़ाएंगे?
तानु (टेंशन में):
पर गोलू, यह थोड़ा ज्यादा नहीं हो गया? अगर सबको पता चल गया तो?
रिंकू (हंसते हुए, छुपकर):
अरे तानु! तुम बहुत सोचती हो, इसीलिए तुम्हें मज़ा नहीं आता। मस्ती का नाम ही शरारत है!
सबने मिलकर पेन और चॉक छुपा दिए और अपनी मनपसंद जगह पर छुप गए। कुछ देर बाद स्कूल में एक बड़ा कन्फ्यूजन हो गया। टीचर्स समझ नहीं पाए कि उनके पास चॉक कहाँ गया।
गुरुजी (गुस्से में, पूरी क्लास के सामने):
कहा गए मेरे चॉक और पेन? तुम लोगों ने कुछ किया है क्या?
गोलू (हाथ में कुछ रखे हुए, शर्माते हुए):
गुरुजी, आपको लगता है हमने कुछ किया? हम तो बस अपने काम में व्यस्त थे।
तानु (पीछे से झांकते हुए):
हाँ गुरुजी, हमने कुछ नहीं किया। सब कुछ तो ऐसे ही हो गया!
रिंकू (चुपके से मुस्कुराते हुए):
गुरुजी, आपको तो पता ही है। कभी कभी सब कुछ अपने आप हो जाता है!
गोलू, तानु, और रिंकू की शरारत का पता चल गया था, लेकिन टीचर्स को समझ में आ गया कि यह सब तो बचपन की मस्ती थी। इसलिए उन्होंने उन्हें माफ कर दिया।
गुरुजी (मुस्कुराते हुए):
छोटे शरारती बच्चों, तुम्हें हमेशा शरारत करना जरूरी नहीं है। कभी कभी अपनी शांति भी जरूरी होती है।
रिंकू (मुस्कुराते हुए):
गुरुजी, हम समझ गए। पर हमारी शरारत कभी खत्म नहीं होगी!
और इस तरह, छोटे शरारती बच्चे अपनी दुनिया में मस्ती करते रहे, लेकिन सब समझ गए कि हर शरारत के बाद एक सीख भी होती है।

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